“Live as if you were to die tomorrow. Learn as if you were to live forever.”

"जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आये उस दिन आप यकीन कर सकते है की आप गलत रास्ते पर जा रहे है"

“They cannot stop me. I will get my education, if it is in the home, school, or anyplace.”

“एक बेहतरीन किताब 100 अच्छे दोस्त के बराबर है, लेकिन एक सर्वश्रेष्ठ दोस्त पुस्तकालय के बराबर है।”

“Live as if you were to die tomorrow. Learn as if you were to live forever.”

"जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आये उस दिन आप यकीन कर सकते है की आप गलत रास्ते पर जा रहे है"

“Anyone who has never made a mistake has never tried anything new.”

“एक व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की, जब उसने कभी भी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की यानी जब हम कुछ नया करते है तभी गलतियां होना स्वाभाविक है।”

“Start where you are. Use what you have. Do what you can.”

ज्ञान ही शक्ति है। जानकारी स्वतंत्रता है। प्रत्येक परिवार और समाज में शिक्षा, प्रगति का आधार है।

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Sunday, April 12, 2020

जलियाँवाला बाग हत्याकांड


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JALIYAWALA BAG HATYAKAND
                                                  जलियाँवाला बाग हत्याकांड

13 अप्रैल 1699 को सिखों के  दसवें और अंतिम गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। 
इसीलिए बैसाखी पंजाब और आस-पास के प्रदेशों का सबसे बड़ा त्योहार है और सिख इसे सामूहिक जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं। अमृतसर के प्रसिद्ध् स्‍वर्ण मंदिर, यानी गोल्‍डन टेंपल से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है | जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को रॉलेट एक्‍ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी, जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे।  जब नेता बाग में पड़ी रोड़ियों के ढेर पर खड़े हो कर भाषण दे रहे थे,तभी ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर 90 ब्रिटिश सैनिकों को लेकर वहां पहुँच गया। उन सब के हाथों में भरी हुई राइफलें थीं। 
नेताओं ने सैनिकों को देखा, तो उन्होंने वहां मौजूद लोगों से शांत बैठे रहने के लिए कहा।
सैनिकों ने बाग को घेर कर बिना कोई चेतावनी दिए निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलानी शुरु कर दीं।
 10  मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाई गईं। जलियांवाला बाग उस समय मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान था। वहाँ तक जाने या बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था और चारों ओर मकान थे। भागने का कोई रास्ता नहीं था। कई लोग जान बचाने के लिए बाग में बने कुएं में कूद गए थे, जिसे अब 'शहीदी कुआं' कहा जाता है.  यह नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का एक काला अध्याय है | जलियांवाला बाग हत्‍याकांड का बदला लेने के लिए 13 मार्च, 1940 को ऊधम सिंह लंदन गए. वहां उन्‍होंने कैक्सटन हॉल में डायर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.|

ज्योतिराव गोविंदराव फुले

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                               ज्योतीराव गोविंदराव फुले

ज्योतिराव गोविंदराव फुले - इनका जन्म 11 अप्रेल 1827 मे खानवाड़ी,पुणे (अब महाराष्ट्र ) मे हुआ | आप समाज सुधारक ,समाज प्रबोधक,विचारक,समाज सेवी,लेखक,क्रांतिकारी थे | आपको ज्योतिबा फूले,महात्मा फूले के नाम से भी जाना जाता था | महात्मा फूले जाती से माली थे | 1873 मे आपने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया | महिलाओ व दलितो के उत्थान के लिए अनेक कार्य किये,समाज मे सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के प्रबल समर्थक रहे |
भारतीय समाज मे प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के खिलाफ थे,आपका मूल उदेश्य स्त्रियो को शिक्षा का अधिकार दिलाना,बाल विवाह का विरोध करना,विधवा विवाह का समर्थन करना था |
समाज मे पनप रही कुप्रथा,अंधश्र्दा के जाल से समाज को मुक्त करना था |
आपने कन्याओ के लिए पहली पाठशाला पुणे में बनवाई,आपने अपनी धर्मपत्नी सावित्री बाई फूले जी को शिक्षा प्रदान की | महात्मा फूले और उनके संगठन के संघर्ष के कारण एग्रिकल्चर एक्ट पास किया गया |
आपकी धर्मपत्नी सावित्री बाई फूले भारत की प्रथम महिला अध्यापिका हुई |
28 नवम्बर 1890 को ज्योतिबा फूले जी की मृत्यु हुई |
महात्मा फूले जी ने अपने जीवन काल मे अनेक पुस्तके लिखी -
1.   छ्त्रपति शिवाजी
2.   गुलाम गिरी
3.   किसान का कोड़ा
4.   अछूतो की केफ़ियत
5.   तृतीय रत्न 

Friday, April 10, 2020

विधर्थियों को अगली कक्षा मे क्रमोन्ंत

जयपुर-10/04/2020
सीएम गहलोत ने गुरुवार को वीडियो कोन्फ़्रेकिंग से शिक्षण संस्थानो मे शैक्षणिक सत्र की स्थिति और आगामी सत्र की तैयारियों की समीक्षा के दोरान सभी प्राइवेट स्कूल के संचालको को निर्देश दिये की आगामी तीन माह की अग्रिम फीस नहीं ली जाए | यानि तीन माह के लिए फीस को स्थगित किया गया है | उन्होने कहा की 10 वीं 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं वाले विधायर्थियों को छोडकर अन्य सभी स्कूली विधर्थियों को अगली कक्षा मे क्रमोन्ंत किया जाए |