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Wednesday, April 15, 2020

डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर

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baba saheb ambedkar jayanti

                                     डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर    
भीमराव रामजी आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को ब्रिटिश भारत के मध्य भारत प्रांत (अब मध्य प्रदेश) में स्थित महू नगर सैन्य छावनी में हुआ | वे रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की 14 वीं व अंतिम संतान थे | उनका परिवार मराठी मूल का, कबीर पंथ को माननेवाला था | जो वर्तमान महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में आंबडवे गाँव का निवासी थे, हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो तब अछूत कही जाती थी और इस कारण उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव सहन करना पड़ा | भीमराव आम्बेडकर के पूर्वज लंबे समय से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत रहे और उनके पिता रामजी सकपाल, भारतीय सेना की महू छावनी में सेवारत थे तथा यहां काम करते हुये वे सुबेदार के पद को हासिल किया ।  आम्बेडकर जी ने मराठी और अंग्रेजी में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की थी |
                                                       ----शिक्षा----
1.  भीमराव रामजी आम्बेडकर ने 1907 में,अपनी मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की और अगले वर्ष उन्होंने
      एल्फिंस्टन  कॉलेज में प्रवेश लिया,जो बॉम्बे  विश्वविद्यालय से संबद्ध था |
2.   1912 तक, उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और राजनीतिक विज्ञान में कला स्नातक
       (बी॰ए॰)  किया |
3.   1913 में संयुक्त राज्य अमेरिका गए जहां उन्हे न्यू यॉर्क शहर में कोलंबिया विश्वविद्यालय से
       स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की, जून 1915 में उन्होंने  अपनी कला स्नातकोत्तर (एम॰ए॰) परीक्षा पास की,
       जिसमें अर्थशास्त्र प्रमुख विषय, और समाजशास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र और मानव विज्ञान
       (अन्य   विषय )
4.  1916 में,दूसरा शोध कार्य, नेशनल डिविडेंड ऑफ इंडिया - ए हिस्टोरिक एंड एनालिटिकल स्टडी के लिए   
     दूसरी कला स्नातकोत्तर प्रदान की,
5.   1916 में तीसरे शोध कार्य इवोल्युशन ओफ प्रोविन्शिअल फिनान्स इन ब्रिटिश इंडिया के लिए
       अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त की |
6.   1921 में विज्ञान स्नातकोत्तर (एम॰एससी॰) की |
7.   1922, उन्हें ग्रेज इन ने बैरिस्टर-एट-लॉज डिग्री प्रदान की, उन्हें ब्रिटिश बार में बैरिस्टर के रूप में प्रवेश 
      मिल  गया। 1923 में,उन्होंने अर्थशास्त्र में  डी॰एससी॰ (डॉक्टर ऑफ साईंस) उपाधि ली |
8.   तीसरी और चौथी डॉक्टरेट्स(एलएल॰डी॰,कोलंबिया विश्वविद्यालय से 1952 और डी॰लिट॰,
       उस्मानिया  विश्वविद्यालय 1953 में सम्मानित उपाधि  मिली | )
9.   उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से
      अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में शोध कार्य किये |
      भीमराव रामजी आम्बेडकर ( बचपन मे भिवा ) जो की डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर नाम से लोकप्रिय थे, 
      भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक भी रहे |
      उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान शुरू 
      किया, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के  अधिकारों का समर्थक रहे |
 
      1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। 1990 में, उन्हें भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान
       से मरणोपरांत सम्मानित किया गया ।
      14 अप्रैल को उनका जन्म दिवस आम्बेडकर जयंती एक पर्व के रूप में भारत समेत दुनिया भर में मनाया
       जाता है , भीमराव रामजी आम्बेडकर की विरासत में लोकप्रिय संस्कृति में कई स्मारक और चित्रण
       शामिल हैं |

                                         ------ धर्म परिवर्तन की घोषणा-----
      13 अक्टूबर 1935 को नासिक के निकट येवला में एक सम्मेलन में आम्बेडकर जी ने धर्म परिवर्तन करने
       की घोषणा की,14 अक्टूबर 1956 को   नागपुर शहर में डॉ॰ भीमराव आम्बेडकर ने खुद और उनके समर्थकों
       के लिए एक औपचारिक सार्वजनिक धर्मांतरण समारोह का आयोजन करवाया ।  प्रथम डॉ॰ आम्बेडकर ने
       अपनी पत्नी सविता एवं कुछ सहयोगियों के साथ भिक्षु महास्थवीर चंद्रमणी द्वारा पारंपरिक तरीके से   
       त्रिरत्न और पंचशील  को अपनाते हुये बौद्ध धर्म ग्रहण किया ।

     1948 से आम्बेडकर मधुमेह से पीड़ित थे और जून से अक्टूबर 1954 तक वो बहुत बीमार रहे इस दौरान 
     उनकी दृष्टि भी कमजोर होती  गई,राजनीतिक मुद्दों से परेशान आम्बेडकर का स्वास्थ्य अधिक खराब हो 
      गया और 1955 के दौरान किये गये लगातार काम ने उन्हें तोड़ कर रख दिया। अपनी अंतिम पांडुलिपि 
      भगवान बुद्ध और उनका धम्म को पूरा करने के तीन दिन के बाद 6 दिसम्बर 1956 को आम्बेडकर का
       महापरिनिर्वाण नींद में दिल्ली में उनके घर मे हो गया।
                                                               ----उपलब्धि----

     राज्य सभा के सदस्य, बॉम्बे राज्य (3 अप्रैल 1952 – 6 दिसम्बर 1956 )
     भारत के प्रथम क़ानून एवं न्याय मंत्री (15 अगस्त 1947 – सितंबर 1951 )
     भारतीय संविधान सभा की मसौदा समिती के अध्यक्ष (29 अगस्त 1947 –24 जनवरी 1950 )
     श्रम मंत्री, वायसराय की कार्य-परिषद ( जुलाई 1942 – 1946 )
     संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष ( 29 अगस्त 1947 , स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना
      के  लिए बनी )

                                   ------- पुस्तकें व अन्य रचनाएँ --------
   1. अनहिलेशन ऑफ कास्ट
   2. द बुद्ध अँड हिज धम्म
   3. कास्ट इन इंडिया
   4. हू वेअर द शूद्राज 
   5. रिडल्स इन हिंदुइझम
                                  ----- भाषाए जिनकी जानकारी रखते थे ------

                                                          * 11 भाषाओं का ज्ञान था *

   1. मराठी (मातृभाषा)                         5. संस्कृत                            09. बंगाली
   2. अंग्रेजी                                          6. जर्मन                             10. कन्नड
   3. हिन्दी                                            7. फारसी                           11. गुजराती
   4. पालि                                              8. फ्रेंच
                               

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